Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

मीडिया से बातचीत

दिनांक
30/03/2026
स्थान
जयपुर


आज 49 सिविल लाइन्स पर मीडिया से बातचीत की :

केरल में आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब :

केरल में पिछले 70 वर्षों से एक बार LDF और एक बार UDF की सरकार बनती रही है। पिछली बार वहाँ ऐसा माहौल बनाया गया मानो कोरोना काल में देश में काम केवल उन्होंने ही किया हो। जबकि राजस्थान का काम नंबर वन था, फिर भी हमारी सरकार नहीं बनी। केरल में शिक्षा का स्तर बहुत ऊँचा है। आज़ादी से पहले से ही वहाँ घर-घर में शिक्षा का माहौल रहा है। मेरा सपना है कि राजस्थान में भी ऐसा ही माहौल बने, जहाँ घर-घर में शिक्षा पहुँचे। बिना तालीम और बिना शिक्षा के जीवन अधूरा है। वे लोग इस मामले में बहुत आगे बढ़े हुए हैं। वे समझ गए कि वास्तव में सरकार जो कह रही है, वह ठीक है। हम यहाँ कहते-कहते थक गए कि भीलवाड़ा मॉडल का दुनिया में नाम हुआ, लेकिन ऐसी बातें चुनाव में हमेशा असर नहीं डालतीं। चुनाव में हार-जीत होती रहती है। पर इस बार हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार UDF की बनेगी।

केरल के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस पर सॉफ्ट हिंदुत्व की बात कहने के विषय में पूछे गए सवाल का जवाब :

केरल के मुख्यमंत्री ऐसी बातें करते ही रहेंगे। वो तो कम्युनिस्ट पार्टी के हैं न हार्डकोर लोग हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जान के खतरे संबंधी बयान पर मीडिया के प्रश्न का जवाब तथा भाजपा द्वारा लोगों को गुमराह किए जाने पर टिप्पणी :

देश में जो माहौल बना है, उसमें एक मुख्यमंत्री कह रही हैं कि उनकी जान को खतरा है। आप सोचिए, देश कहाँ जा रहा है। मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया जाता है। सुनवाई किसी की नहीं हो रही है। ED, Income Tax और CBI का राज चल रहा है। न्यायपालिका पर भी दबाव की बातें हो रही हैं। देश के अंदर लोकतंत्र कहाँ रह गया है? हिंदू राष्ट्र घोषित होना ही बाकी रह गया है। बाकी तो ज़हर फैलाया जा चुका है।

2014 में जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तब उन्हें 100 में से लगभग 31 वोट मिले थे, यानी करीब 70 वोट उनके खिलाफ थे। फिर 36 हो गए इनके। जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। यदि वे चाहते, तो अपने ऑरा और स्टेट्समैनशिप का परिचय दे सकते थे। पूरे देश की जनता ने उनके कहने पर थाली भी बजाई, ताली भी बजाई। ऐसे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति भी जो है कभी कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे और कभी प्रतिपक्ष मुक्त भारत बनाएंगे इन बातों में उलझ के रह गए।सरकार बनाना और चुनाव जीतना एक बात है, लेकिन देशहित में क्या है, यह दूसरी बात है।

RSS और BJP का जो अप्रोच है, वह देशहित में नहीं है। वे कहते हैं कि हिंदू खतरे में है। उनसे पूछिए, 250 साल अंग्रेजों ने राज किया, 500 साल मुगलों ने राज किया, तब हिंदू खतरे में नहीं आया। और अब जब देश में हिंदुओं का ही राज है, तब हिंदू खतरे में कैसे हो गया? इस प्रकार का गुमराह करने का काम हो रहा है। इतना भयंकर भ्रम फैलाया जा रहा है कि देश को नुकसान हो सकता है। जनता और नई पीढ़ी को समझना पड़ेगा कि सत्य किसके पक्ष में है। पैसा और संसाधन उनके पास बहुत हैं, हमारे पास नहीं हैं, लेकिन लड़ाई विचारधारा के आधार पर जीती जाएगी।

मैं जनता से, विशेषकर नई पीढ़ी, नौजवानों और छात्रों से कहना चाहूँगा कि आप इस पर स्टडी करें। आपने छात्र जीवन में पढ़ाई करली, आपने डिग्री हासिल करली, फिर आप नौकरी के लिए प्रतिस्पर्धा में आ गए, कॉम्पिटिशन में आ गए आप। नौकरी लग भी गई, नहीं लगी, उससे काम नहीं चलने वाला है। साथ में देश में क्या हो रहा है, कौन सी विचारधारा क्या है, देश हित में क्या है, समाज हित में क्या है, कहाँ गरीबी अमीरी की जो खाई बढ़ती जा रही है, कहाँ बढ़ती जा रही है, कितनी बढ़ती जा रही है, कोई कल्पना कर सकता है क्या? दो जून का खाना नहीं मिलता लोगों को, और इस देश के अंदर क्या-क्या तमाशे हो रहे हैं, मैं क्या गिनाऊं आपको। इसलिए बहुत ही गलत दौर से हम निकल रहे हैं।

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