Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

मीडिया से बातचीत

दिनांक
26/03/2026
स्थान
जयपुर


आज जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए :

देखिए, एक तो अंतर्राष्ट्रीय स्थिति बड़ी नाजुक है। एक तरफ तेल और गैस को लेकर जो स्थिति बनती जा रही है, तो राहुल गांधी ने पहले ही वॉर्न किया था कि ये स्थिति बनेगी।

हमेशा सरकार लेट कर देती है। तैयारी समय पर करनी चाहिए, क्योंकि वॉर हो गया है, तो वॉर के कारण ही ये स्थिति बनी है। तो आपके पास जस्टिफाई करने का कारण है, खाली इतना ही कि आप जनता को विश्वास में लो कि भाई देखिए, वॉर हो गया, हमारी मजबूरी है, और यहाँ ये कमियाँ रह गईं या नहीं रही हैं, हम प्रयास कर रहे हैं कि जनता को कोई तकलीफ नहीं आए, कम से कम तकलीफ आए। अब जो प्रधानमंत्री ने हाउस में बोला, वो तैयारी उस ढंग से नहीं की। आलोचना के शिकार भी हुए। ये पूरा अंतर्राष्ट्रीय युद्ध की जो स्थिति बनी है, अब किस दिशा में जाएगा, कोई नहीं जानता।

और दूसरा, हमारे ट्रंप जो हैं, मिस्टर ट्रंप, पता नहीं जिस प्रकार उनका व्यवहार है मोदी जी के प्रति,कभी कहते हैं मेरे वो दोस्त हैं, कभी कहते हैं कि वो मुझे खुश करने में लगे हुए हैं, कभी कहते हैं कि मैं उनका पॉलिटिकल करियर खत्म कर सकता हूँ। आज तक मैंने किसी भी राष्ट्रपति को दूसरे देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के बारे में ऐसे कमेंट करते नहीं सुना।
वो वेनेजुएला के प्रेसिडेंट को किडनैप कर सकता है एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र के प्रेसिडेंट को किडनैप कर ले और दुख इस बात का रहा कि दुनिया के किसी मुल्क ने निंदा नहीं की, कंडेम नहीं किया, दुख प्रकट नहीं किया। ये दुनिया के लिए बहुत-बहुत बुरा संकेत है। जो हुआ है, सब जानते हैं।

अब जो स्थिति बनी है, उसमें पाकिस्तान पंचायती कर रहा है। मतलब आप बताइए, पाकिस्तान की क्या हैसियत है? हमारे देखते हुए भी हमने देखा—65 के वॉर में क्या थी, 71 में क्या थी, कारगिल में क्या थी हमेशा मुँह की खानी पड़ी। वो आज जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर के अंदर भी, तुर्की उनका साथ दे रहा था, हमारे साथ कोई नहीं था। इस प्रकार के हालात में देश चल रहा है। समझना चाहिए, कहाँ पाकिस्तान और कहाँ हिंदुस्तान है। उसके बावजूद भी वो समझौते की बात कर रहा है, डायलॉग वो करवाएंगे।

और दुर्भाग्य से हमारे विदेश मंत्री जो हैं, उनका ये कहना कि वो दलाली का काम कर रहा है, ये बहुत ही गलत है। मैं समझता हूँ कि कोई विदेश मंत्री किसी मुल्क के लिए ऐसी भाषा काम में नहीं ले सकता। दलाली क्या होती है, पता नहीं। मैं तो मानता हूँ कि हो सकता है उनके मुँह से स्लिप ऑफ टंग हुआ हो। अगर ऐसा हुआ है तो अलग बात है, उनको सॉरी फील करना चाहिए, नहीं तो मैं समझता हूँ कि देश के अंदर उनकी बहुत आलोचना होनी चाहिए। आप कैसे कह सकते हो कि दलाली कर रहा है? दलाली होता क्या है? अगर दुनिया के मुल्कों में शांति स्थापित होती है हिंसा तो हिंसा ही होती है तो मुल्क कहाँ जाएगा? तीसरे विश्व युद्ध के रूप में जाएगा? थर्ड वर्ल्ड वॉर के रूप में जाएगा? कहाँ जाएगा, कोई नहीं जानता। ऐसे खतरनाक हालात में, जब दुनिया में आग लगी हुई है, वहाँ शांति स्थापित करने के लिए हर वर्ग को, हर मुल्क को प्रयास करना चाहिए। और उसके अंदर आप कह रहे हो कि दलाली कर रहा है ये बात मुझे समझ में नहीं आई। ऐसे हालात में देश चल रहा है।

और लोग सब चिंतित हैं कि हमारी स्थिति कहाँ थी और कहाँ पहुँच गई। कहाँ इंदिरा गांधी का जमाना था—90 हजार से अधिक सैनिकों को, जनरल, कर्नल, मेजर को यहाँ अरेस्ट करके इंडिया में ले आए थे। 90 हजार से अधिक लोगों को, लगभग एक लाख लोगों को। और आज देश की हमारी स्थिति क्या है, आपके सामने है। ये जो अंतर्राष्ट्रीय स्थिति हुई है।

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