Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की :

दिनांक
04/08/2026
स्थान
जोधपुर


जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की :

हालात बड़े गंभीर हैं और सरकार की तरफ से पूरी तरह से जोधपुर जिले की और संभाग की उपेक्षा हो रही है। कोई ध्यान देने वाला नहीं है। यह बहुत दुर्भाग्य है। सरकार बदलती है, पर हमने कभी भी सरकार आने के बाद में ये नहीं सोचा कि पूर्व मुख्यमंत्री का जिला हो या उनका क्षेत्र हो या संभाग हो, उसकी उपेक्षा की जाए। कभी नहीं सोचा। सोचा ही नहीं हम लोगों ने। और ये लोग पता नहीं इनके सोच में क्या ऐसा है, इसलिए हम बार बार कहते हैं कि इनका लोकतंत्र में यकीन नहीं है। यह बार बार दबाव देकर के सरकार चलाते हैं, तंग करते हैं, कांग्रेस की जो विचारधारा के लोग हैं उनको, ट्रांसफर पोस्टिंग करते हैं अनावश्यक, उनके क्षेत्र में काम नहीं करते हैं और तो और जो प्रोग्राम होते हैं तो लोकल MLA, MP को बुलाते नहीं हैं। यह इनका अलग ही सोच है। उससे कोई अच्छी परंपरा नहीं रहती। राजस्थान में परंपराएं कई मायने में अच्छी रही है। पूरे देश के तुलना में राजस्थान में कई परंपराएं अच्छी रही। हमारे जो पुराने नेता थे चाहे कांग्रेस के थे या बीजेपी के थे, उन्होंने उस वक्त में निभाया इस बात को, आना जाना भी था आपस के अंदर, सरकार बनने के बाद में भी, पर अब तो बिल्कुल ही शक की दृष्टि से देखते हैं। कोई पास बैठ जाए, वरिष्ठ नेता भी, उसके मन में चिंता रहती है कि पता नहीं कोई मुझे देख लेगा तो क्या होगा। ऐसी घटना हुई जयपुर के अंदर भी मैं देख रहा था, तो स्थिति बड़ी अजीब है कि वह कोशिश करता है चला जाऊं कि पता नहीं मेरा नंबर नहीं कट जाए।

यह तो स्थिति राजस्थान के अंदर है।

सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। पूरा त्राहि त्राहि कर रहे हैं राजस्थान वाले। पेमेंट हो नहीं रहे किसी डिपार्टमेंट के, पेंशन तक नहीं हो रही हैं। मरने वालों को 5 लाख मिलते हैं, वो ढाई हजार रुके पड़े हैं। मुझे विश्वास ही नहीं होता है। स्थिति क्यों नहीं स्पष्ट करती है सरकार ? मुख्यमंत्री जी खुद क्यों नहीं स्पष्ट करते कि नहीं आपका जो फिगर आपके पास आए वो गलत आंकड़े हैं। यह क्यों नहीं कहते? एक हज़ार पांच सौ लोग हैं जिनके तो वापस भेज दिए कि आप उनको वापस जांच करके भेज दीजिए और डिले हो जाता है। तो इस स्थिति में सरकार चल रही है।

कल मैं सिलिकोसिस के मरीजों से मिलने गया। मैंने सोशल मीडिया में डाला भी उसको। अब सरकार को चाहिए कि सोशल मीडिया में हम क्या डालते हैं विपक्ष वाले उनको देखें, डीआईपीआर में टीम बनाएं, वो उनको ब्रीफ करें कि भाई यह आजकल विपक्ष वाले बोल रहे हैं। उसमें हमें पब्लिक इंटरेस्ट में क्या फैसला करना है, कोई परवाह नहीं इनको। यह क्या इनके दिमाग में मानवता के बारे में। वो कोई बीजेपी, कांग्रेस के लोग नहीं है जो बीमार है। सिलिकोसिस होने के बाद तो पता नहीं वह कब तक जिंदा रहेगा। ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहे उन लोगों को, कहां जाएं, कैसे कोशिश करें, कब एक्स रे होगा। सारे ब्लॉक कर दिए पहले वाले, नए खोल नहीं रहे। कोई करप्शन हो गया। मैंने सुना कोई दौसा की दो तीन डॉक्टर पकड़े गए होंगे गलत सर्टिफिकेट देने में। तो यह तो होता रहता है। यह किस स्कीम में नहीं होता है? करप्शन किस डिपार्टमेंट में नहीं होता? सब जगह कोई एक घटना दो घटना हो जाए, इसका मतलब यह नहीं कि पूरे उसको रोक दो। वो बेचारे तड़प रहे हैं, वो लोग तड़प रहे हैं। जिसकी सांस नहीं आती है, घरों में भी दमा वालों को, उन पर क्या बीतती है ? उनके तो परमानेंट दमा हो गया। बिना ऑक्सीजन के जिंदा रह नहीं सकते, उन हालातों में वो लोग हैं।

मैं सिकंदरा गया हूं, भरतपुर गया, मुख्यमंत्री का जिला है वो और यहां मैं कल जा के आया हूं सूरसागर। अब मैं करौली जाऊंगा एक बार, वहां भी बहुत भयंकर स्थिति है। अब जब मैं जाने लगा हूं तो और जिले से रिपोर्ट आने लगी है। बालेसर वाले आ गए रात को कि हमारे यहां बहुत स्थिति खराब है। उमेश सिंह जी और अन्य सब लोग आए थे।

कहने का मतलब यह कि स्थिति नाजुक है और आज जो हेडलाइन बनी थी, आपके जमीनों के कब्जा करने की, पता नहीं जैसे कोई देखता है, कभी जिंदगी में कभी सरकार वापस आएगी नहीं हमारी। अभी जो विधायकों का जो है यहां पर, वह तो मुझे लगता है कि ऐसा व्यवहार कर रहे हैं बीजेपी विधायक भी, पहले पकड़े गए थे जब भास्कर ने स्टिंग ऑपरेशन किया था। यही महाशय जी पकड़े गए थे, खींवसर वाले ही पकड़े गए थे। कोई जवाब नहीं आज तक इनका और विधायक पकड़े गए। जमीनों पर कब्जा और कर लिया आज जो खबर आई थी और तो और जो आपके केंद्रीय मंत्री जी है अजमेर वाले 90 लाख उठा लिए सब्सिडी के। वहां पर जमा करने से कोई थोड़ी क्राइम खत्म होता है। जमा करवा दिए तो कराने ही थे, पार्लियामेंट में इश्यू बन गया तो कराने ही थे। तो कितनी जगह की घटनाएं सामने आ रही है।आदिवासियों में भी स्थिति बहुत खराब है। आदिवासियों की भावनाएं ये समझ नहीं पा रहे। वो अलग दुखी हो रहे हैं। रेवतराम जी डांगा साहब का यह मामला, 205 बीघा जमीन छोटा मोटा ही नहीं है। 40% कमीशन को लेकर पहले ही उन पर आरोप लगे थे।

उदयपुर के भाजपा विधायकों पर अलग आरोप है कि आदिवासी परिवारों को बंधक बनाकर के जमीन कब्जा रहे हैं और जबरन रजिस्ट्री करवा रहे हैं, ये मेरे पास लिखित में भेजा किसी ने।

अरावली को लेकर आप देखिए। केंद्र सरकार टीम भेज रही है, पूछ रही है और सरकार को चिंता ही नहीं है। अरे अगर मान लो अरावली बर्बाद होगी तो नुकसान सबसे ज्यादा राजस्थान को होगा। रेगिस्तान फैल जाएगा, राजस्थान पहले से ही रेगिस्तान एरिया है।

मानगढ़ के बारे में एक सवाल का जवाब आया पार्लियामेंट के अंदर हाल ही में। अब बताइए मानगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी जी खुद आए थे। मैं भी वहां मौजूद था। प्रधानमंत्री जी ने आने के पहले पीएमओ के थ्रू पूरी जांच पड़ताल कर ली थी। चुनाव थे गुजरात के अंदर। उसमें कैसे फायदा मिले उनको इसलिए पूरी तैयारी करके हमारे चीफ सेक्रेट्री से बात करके पूरी फॉर्मेलिटी करवा के, कोई फॉर्मेलिटी पूरी नहीं थी तो पूरी कर वाली उन्होंने। उसके बाद ही प्रोग्राम बना। मैं भी वहां मौजूद था उनके साथ में तो वहां तो उन्होंने घोषणा करने की बजाय कह दिया कि भाई अब जो है मुख्यमंत्री राजस्थान के, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र वाले मिलकर तय करें किस प्रकार का यहां राष्ट्रीय स्मारक बने। तब भी हमें लगा कि कोई बात नहीं, आज इनके दिमाग में कोई सेकंड थॉट आ गया होगा कि वहां आना स्वाभाविक भी है। स्वाभाविक है कि कोई और फीडबैक आ गया होगा तो इसलिए उन्होंने पोस्टपोन किया होगा। अब आप बताइए अब जवाब आ गया वहां तो कोई योजना है ही नहीं हमारी। वहां तो लोकल ही काम हो गए जो होने थे। ये तो अच्छी बात नहीं है।

भीलों ने त्याग किया, कोई पता नहीं हजार पंद्रह सौ की बातें हो रही है, अब फैक्चुअल तो सरकार बताए कि एक्चुअली में कितने भील मारे गए थे अंग्रेजों के शासन के अंदर, अंग्रेजों के राज में कितने भील मारे गए थे। उनका त्याग बलिदान तो खत्म हो गया। एक राष्ट्रीय स्मारक बनाना और करना क्या आपको? राष्ट्रीय स्मारक बनाना कोई बहुत बड़ी बात है क्या? उन लोगों के लिए जो शहीद हो गए देश के लिए, आजादी के लिए, वो भील लोग हैं इसलिए उनकी परवाह नहीं कर रहे इसका मतलब, यह तो बहुत गलत बात है ना। तो प्रधानमंत्री जी मोदी खुद को खुद को हस्तक्षेप करना चाहिए कि किस लेवल पर फैसला हुआ है कि यहां पर स्मारक नहीं बनेगा। जब वो खुद आए थे इस काम के लिए, मीटिंग इस काम के लिए ही थी। मैं खुद मौजूद था वहां पर और उसके बाद में ये हो गया। स्थिति बहुत ही नाजुक है।

सवाल : सर जनता जवाब देगी समय आने पर जिस प्रकार की स्थितियां हैं ?

जवाब : जनता तो जवाब देने के लिए अभी तैयार बैठी है। उपचुनाव भी देख लीजिए,इनकी हालत पतली हो गई है बिहार में भी। मध्य प्रदेश में हम जीत गए, तो ये इनकी हालत खराब हो रही है। पर जनता राजस्थान में तो आप समझ लो कि बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, चुनाव कब आ जाए, इतने दुखी हो गए। गवर्नेंस नाम की चीज नहीं है। शासन तो हो भाई, कम ज्यादा हो अलग बात है पर यह तो स्थिति बन गई है कि शासन नाम की चीज नहीं है। करप्शन अलग हो रहे हैं, भ्रष्टाचार की तो सीमा टूट गई है। कोई काम की सुनवाई होती नहीं। लोग जाएं कहां मिलने के लिए ? मंत्री लोग मिलते नहीं जयपुर के अंदर, सबके दरवाजे बंद है। सिविल लाइंस में मंत्रियों के दरवाजे बंद हैं। जनता कहां जाकर घुसे बता दीजिए, मुख्यमंत्री आप खुद बताइए उनको कहां जाना चाहिए? सीएम हाउस में व्यवस्था कर दो, सब लोग वहां आ जाएं, मंत्री भी वहां आ जाएं, वहां आ के बैठ जाएं आपकी देखरेख के अंदर, कुछ तो हो ,जो जनसुनवाई हो, कुछ भी नहीं हो रही है। बहुत ही स्थिति खराब है।

सवाल : यूजीसी रेगुलेशन को लेकर क्या कहेंगे?

जवाब : सुप्रीम कोर्ट में अभी तो रुक गया है। बाकी तो जो डेमोक्रेसी में कोई अपनी बात बोल सकता है, कौन किसको रोक सकता है।

सवाल : पंचायत और निकाय चुनाव हैं।

जवाब : आप ठीक कह रहे हैं, पंचायत के हैं या निकायों के चुनाव हैं, उसमें तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी तैयारी कर रही है, लगी हुई है उसके अंदर। मैं समझता हूं कि कांग्रेस की विजय होगी शानदार तरीके से। गांव में भी और शहरों में भी यही माहौल है।

सवाल : बैठक में सर गुटबाजी के नजारे नजर आ रहे हैं कहीं न कहीं।

जवाब : बीजेपी में ? अगर बीजेपी में गुटबाजी है तो उसका जिम्मेदार मैं थोड़ी हूँ भई।

सवाल : सर लोहावट में एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई।

जवाब : मेरे पास कल रात को किसनाराम जी Ex.MLA साहब आए थे , एक बिश्नोई परिवार है उनके रात को सोए हुए थे। उनका हस्बैंड ड्राइवर है , बाहर गया था नौकरी पर, पीछे पत्नी की हत्या कर दी, दो बच्चियों को घायल कर दिया और अभी तक पता नहीं लगा। ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ब्लाइंड मर्डर हो रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर पा रही। ये तो एक घटना हुई है। राजस्थान भर में किसी ज्वेलर को मार देते हैं, किसी के यहाँ डकैती कर देते हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो गई है। क्या क्या इस सरकार के बारे में बोले? यह स्थिति है। विपक्षी पार्टियां भी किस किस पॉइंट को बोलें ? कोई लगता ही नहीं कि सरकार है। विपक्षी पार्टी छोड़ो, जितनी आलोचना बीजेपी वाले खुद करते होंगे, आरएसएस वाले करते होंगे, वह हमसे ज्यादा करते होंगे। इतना ही फर्क है कि हम बोल देते हैं, वो बोल नहीं पा रहे।
सवाल : पूर्व मंत्री धारीवाल जी ने स्टेटमेंट दिया उस पर क्या कहेंगे ?

जवाब : अरे आप छोड़ो, कांग्रेस एकजुट है। आप कितनी ही कोशिश कर लो मीडिया वालों ,कुछ नहीं होने वाला है। कांग्रेस एकजुट रहेगी। चुनाव में कांग्रेस का भारी बहुमत से आना निश्चित है, कोई रोक नहीं सकता और यह नेताओं के बारे में छोड़ो, ये तो राजनीति में चाहे पूरे देश में बीजेपी हो या कोई और पार्टी हो, सब जगह कोई न कोई बात को लेकर आप सवाल पूछ सकते हो आपका हक है मीडिया वालों का। हमारी पार्टी में दिल से कोई मतभेद नहीं है, मनभेद नहीं है और कोई छोटी मोटी घटना होती है तो वह शांत हो जाती है। हमारे यहां कोई झगड़ा नहीं है, न होने वाला है। चुनाव तक कोई झगड़ा नहीं होने वाला। सब एक रहेंगे।

सवाल : चंदा चोरी को लेकर आपका क्या कहना है ?

जवाब : चंदा चोरी में तो पोल खुल गई है। बीस- तीस साल तक लाखों गांव ने चंदा दिया बेचारों ने। ये मांगते रहे। आज तक हिसाब नहीं। मैंने कल भी आपको कहा कि चंदा इकट्ठा किया तब, जमीनें खरीदी तब,पत्थर खरीदे तब, निर्माण किया तब और बाद में चढावा चढ़ा तब, कब -कब क्या क्या घोटाले हो गए हैं, यह देश के सामने आना चाहिए। यह मेरा मानना है।

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