Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की:

दिनांक
25/06/2026
स्थान
जोधपुर


राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं

जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की:

देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है।
डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

पचपदरा रिफाइनरी के काम को 5 साल क्यों रोक कर रखा इसका जवाब दें प्रधानमंत्री:

डॉक्टर मनमोहन सिंह जी प्राइम मिनिस्टर थे, वीरप्पा मोइली जी पेट्रोलियम मिनिस्टर,थे तब हमने उनसे रिक्वेस्ट करके रिफाइनरी सैंक्शन करवाई थी। काम शुरू करवा दिया, फिर बाद में 5 साल रोक के रखा है उसका जवाब प्रधानमंत्री जी को देना चाहिए, और जब वो यहाँ रहे हैं तो जवाब दें कि 5 साल क्यों काम रोका? उसके कारण 37 हजार करोड़ की रिफाइनरी 80 हजार करोड़ की बन गई है, इस देरी का ब्लेम किसके ऊपर आएगा? ये उनको सोचने की बात है।
राजस्थान समेत बीजेपी शासित अन्य राज्यों में हाहाकार मचा हुआ है :

चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। बीजेपी के राज्यों में जहां-जहां सरकारें इनकी है हाहाकार मचा हुआ है। ऐसी लूट कभी आज तक कभी सुनी नहीं, देखी नहीं और समझी नहीं है। हालात बड़े गंभीर हैं। एक के बाद एक घोटाले खुल रहे हैं जिसमें आपके मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी आया है। जवाब इनके पास कुछ नहीं है, या तो चुप रहते हैं, प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। देते हैं तो खाली फॉर्मेलिटी करते हैं। इसलिए मैंने कहा राजस्थान में भी करप्शन की हदें खत्म हो गई हैं। गाँव से लगा कर के जयपुर तक लोग दुखी हैं। मर्डर, रेप, डकैतियां अलग हो रही हैं, तो कहाँ जाए आदमी । मुख्यमंत्री खुद को समझ लेना चाहिए हालात क्या हैं और उसे ठीक करने का प्रयास करना चाहिए। मॉरली हम उनको सपोर्ट करेंगे। हमारी कोई दुश्मनी नहीं है मुख्यमंत्री से। हम मॉरली सपोर्ट करेंगे, विपक्ष का सहयोग लें, पर स्थिति बहुत नाजुक है, उनके हाथ से निकलती जा रही है।

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