Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत :

दिनांक
15/04/2026
स्थान
जयपुर


जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत :

परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों में उत्पन्न रोष को लेकर पूछे प्रश्न का जवाब :

तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जो गुस्सा प्रकट किया है,रोष प्रकट किया है,आशंकाएं जताई हैं उसमें मेरा मानना है कि मोदी जी को साउथ की चिंताओं को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए, गंभीरता से लेना चाहिए, यह मैं बार बार रिपीट कर रहा हूं जानबूझकर क्योंकि साउथ के लोगों को अगर यह फील हो गया कि नॉर्थ वाले हमारे ऊपर अनावश्यक थोप रहे हैं और हमारी स्थिति कमजोर कर रहे हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है।

मिस्टर स्टालिन ने कह ही दिया है जो बहुत खतरनाक संकेत है। 1950, 60 के वक्त में दक्षिण में जो आंदोलन हुए थे वो स्थिति वापस नहीं बन जाए। इतनी खतरनाक बात उन्होंने संकेत दिया है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने। उससे अंदाजा लगा लीजिए कि उनके दिलों में आग लगी हुई है। तो यह बहुत सेंसिटिव मामला है। पक्ष विपक्ष सब चाहते हैं महिलाओं को आरक्षण मिले,पर य�

स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव न होना कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन की तरह, सरकार बर्खास्त होनी चाहिए। :

गवर्नर साहब को और राष्ट्रपति को इंटरवीन करना चाहिए। जिस प्रकार का ये कानून उल्लंघन कर रहे हैं, ये सरकार कैसे रह सकती है? ये संविधान की मूल भावना को चोट कर रहे हैं तो, ये संविधान के ब्रेकडाउन की तरह है। इस सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। अब बर्खास्त कौन करे? बर्खास्त करने वाले इनके पार्टनर हैं, डबल इंजन जो ये कहते हैं, एक बड़ा इंजन दिल्ली के अंदर है और वही बर्खास्त कर सकता है। ये उनके चहेते हैं तो इन लोगों को क्या बर्खास्त करेंगे। बर्खास्त करने लायक केस है ये। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है, हाई कोर्ट कह चुका है, जब उनकी बात नहीं मानी गई है, इससे बड़ा कांस्टीट्यूशनल ब्रेकडाउन क्या होगा? मेरा ये मानना है।

दुर्भाग्य से न गवर्नर साहब कुछ बोल पा रहे हैं, ना केन्द्र सरकार कुछ बोल पा रही है। इसलिए मैंने कल कहा था कि राष्ट्रपति महोदय को आगे आना चाहिए, गवर्नर �

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