जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की :
दिनांक
03/04/2026 |
स्थान
जयपुर
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केरल विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में :
त्रिवेंद्रम में स्थिति अच्छी है, यूडीएफ जीतेगा चुनाव। अच्छा माहौल है वहाँ पर। लोग समझ गए हैं कि वहाँ के मुख्यमंत्री के खिलाफ बहुत ज्यादा एंटी-इंकंबेंसी है। जो वादे किए थे पिछली बार पाँच साल पहले, वो निभाए नहीं गए, वो भी एक इश्यू बना हुआ है। तो मुझे लगता है कि ये चुनाव एकतरफा होगा।
लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधी विधेयक लाए जाने के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में:
ये ऑल पार्टी मीटिंग करके तय करना चाहिए, क्योंकि महिला आरक्षण के तो पक्षधर सभी लोग हैं। सोनिया गांधी जी ने सबसे पहले इसको इश्यू बनाया था। महिला आरक्षण- सब इसके पक्ष में हैं। मगर ये किस रूप में करते हैं, जिससे कि सभी लोगों की राय आ जाए, वो ज़्यादा बेहतर तरीका हो सकता है। पर ये हर बात में विवाद पैदा करना चाहते हैं। हर काम जो सबकी राय से हो सकता है, और मेजॉरिटी इनके पास में है, उसके कारण से ये चाहते हैं कि एकतरफा हम लोग फैसला करें। इनकी फितरत के अंदर है।
मीडिया द्वारा पूछने पर कि पहले 2028 के बाद लाना चाहते थे, उसके जवाब में:
अब इनके विचार बदलते रहते हैं। आप ठीक कह रहे हैं। पहले इन्होंने कहा था कि हम परिसीमन करवाएंगे पहले, जनगणना होगी, उसके बाद लाएंगे। अब वो दो क्लॉज हटाना चाहते हैं, नया एक्ट बनाकर पास करके,इसलिए ला रहे हैं।
इंतज़ार शास्त्र में हमारे द्वारा उठाए इशू के बजाए किसी अन्य संदर्भ में भाजपा की बयानबाजी पर मेरा रिएक्शन :
मैं तो कह चुका हूं, ये तो लागू होगा मोदी जी पर या क्या नाम है उनका, हमारे आरएसएस के मोहन भागवत जी, उनके लिए लागू होगा। मैं तो कह चुका हूं पहले आप लोगों को सबको, गांधीजी ने कहा था 125 साल तक मैं सेवा करना चाहता हूं और ये कट्टरपंथियों ने उनकी हत्या कर दी। मैंने कहा, मैं 100 साल तक सेवा करना चाहता हूं प्रदेशवासियों की, देशवासियों की। तो ये मेरे लिए लागू नहीं हो सकता। अब वो पता नहीं किस संदर्भ में कहा है, क्यों कहा है। उनको मालूम है, मैं कह चुका हूं ये बात। पर क्योंकि ये तो जो ऊपर से कहा जाता है कि आपको आज क्या लाइन लेनी है इनके मंत्रियों को, इनके नेताओं को, वो ही लाइन ले लेते हैं।
अब वो कौन, कैसे सलाह देंगे हम लोगों को? वो तो पूरी कांग्रेस की राजनीति करने लग गए हैं। वो कांग्रेस नेताओं को कैसे कह सकते हैं कि आपको क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए?
जो हमने इनको इशू बनाए हैं, उसका जवाब दे नहीं रहे और गोलमाल जवाब दे रहे हैं। बड़ी बेइज्जती हो रही है इन लोगों की, क्योंकि आप जवाब तो दो कम से कम, कुछ भी दो—नेगेटिव दो, पॉजिटिव दो, कुछ भी कहो, पर आप संदर्भ से हटकर बात कर रहे हो।
जो हमने क्वेश्चन इंतज़ार शास्त्र में पूछे हैं, उनका जवाब कम से कम कुछ तो दो—‘हाँ’ दो, ‘ना’ दो, पर आप संदर्भ बदलकर कैसे जवाब दे सकते हो? ये कर रहे हैं ये लोग। लोग हंस रहे हैं इनके ऊपर।
मीडिया द्वारा रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर दिए बयान से संबंधित प्रश्न का जवाब :
ये ट्रंप के तरह मज़ाक बना रहे हैं। ट्रंप अमेरिका में मज़ाक बना रहा है, ये लोग यहां बना रहे हैं। क्या तुक है? होने वाला है, होगा, अभी तो जारी है—ये क्या लेंग्वेज है? ट्रंप साहब भी ये लेंग्वेज बोलते हैं। मोदी जी मेरे दोस्त हैं, वो मुझे खुश करना चाहते हैं और मैं इनका पॉलिटिकल करियर खत्म कर सकता हूं—ये लैंग्वेज होती है क्या? एक देश के राष्ट्रपति की लेंग्वेज ये हो सकती है क्या? बताइए, दुनिया भर में क्या हो रहा है, वो आपको मालूम है। हम भी देखते हैं क्या हो रहा है।
चिंता होनी चाहिए सबको कि देश की डेमोक्रेसी नहीं बचेगी, आने वाली पीढ़ियों का क्या होगा? हमें चिंता यह है। मुझे खुद को चिंता है। अगर देश में डेमोक्रेसी नहीं बचेगी तो क्या होगा देश का?
डेमोक्रेसी में सरकार बदलती रहती है। बदली भी है पहले और स्मूथली बदली है। कांग्रेस चाहे जो चुनाव हारी ह