Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

'राइट टू हेल्थ' पर बयान कि 'इसकी जरूरत ही नहीं है' न सिर्फ निंदनीय है बल्कि बढ़ते मेडिकल खर्च से परेशान गरीब एवं मध्यम वर्ग के जख्मों पर नमक के समान है।

दिनांक
12/02/2026
स्थान
जयपुर


विधानसभा में चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र खींवसर का 'राइट टू हेल्थ' पर बयान कि 'इसकी जरूरत ही नहीं है' न सिर्फ निंदनीय है बल्कि बढ़ते मेडिकल खर्च से परेशान गरीब एवं मध्यम वर्ग के जख्मों पर नमक के समान है।
हमारी कांग्रेस सरकार ने यूनिवर्सल हेल्थकेयर योजनाएं जैसे चिरंजीवी योजना एवं निरोगी राजस्थान योजना लागू होने के बावजूद राइट टू हेल्थ की परिकल्पना की जिससे किसी भी कारणवश आपातकालीन स्थिति में मरीज इलाज से वंचित न रहे। भाजपा सरकार राइट टू हेल्थ के नियम बनाने में विफल रही है और अब इस तरह की बहानेबाजी कर रही है।
प्रदेशवासी देख रहे हैं कि जहां कांग्रेस सरकार राइट टू हेल्थ देकर उन्हें महंगे इलाज के खर्च से बचाने का इरादा रखती थी वहीं भाजपा सरकार मेडिकल लॉबी के सामने सरेंडर कर राइट टू हेल्थ तक को गलत बता रही है।

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