मीडिया से बातचीत
दिनांक
29/11/2025 |
स्थान
जयपुर
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आज जयपुर में कांग्रेस की बैठक से पहले उपस्थित मीडिया से बातचीत :
बैठक बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तो जो अध्यक्ष बने हैं, पहली बार वो आएंगे प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अध्यक्ष बनने के बाद में। अध्यक्ष जी ने बुलाया सबको और हम चाहते हैं कि आगे की प्लानिंग भी ढंग से हो क्योंकि देश के सामने चुनौतियां बहुत बड़ी हो गई हैं और राजस्थान का इतिहास रहा है हमेशा से जब से कांग्रेस बनी है। एक जनवरी 78 को कांग्रेस (आई) बनी थी और पंद्रह जनवरी को इंदिरा गांधी जी जयपुर आ गईं। तो जयपुर को, राजस्थान को इतना महत्व देती है हाई कमान, हमेशा ऐसे ही देती है। यहां के लोगों ने भी कार्यकर्ताओं, नेताओं ने हमेशा से ही वहां पर उसी ढंग से रिस्पांस दिया है। हाई कमान को भी मान सम्मान दिया, विश्वास प्रकट किया है । दिल्ली में हर रैली में सबसे अधिक लोग राजस्थान से जाते हैं।
इस बार रैली भी हो रही चौदह तारीख को। वोट छोड़ गद्दी छोड़ कर नारा दिया था। पाँच करोड़ साइन करवाए हैं। पूरे देश भर से लोगों ने साइन किए हैं। तो बड़ा मुद्दा इलेक्शन कमीशन को लेकर हो गया। वो जिस प्रकार से व्यवहार कर रहा है, उसके कारण से लोग बहुत चिंतित हैं। चुनाव आयोग का रवैया बहुत उचित नहीं है। उसको एकतरफा चलेगा वो सरकार के साथ में तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? हालात बड़े गंभीर है देश के अंदर।
चाहे मीडिया वाले हो या आम पब्लिक हो, सबको समझना पड़ेगा कि देश में चुनौती बहुत बड़ी आई है। ये जो रवैया रहा तो आगे आने वाले वक्त में चुनाव भी होंगे कि नहीं होंगे। चुनाव होंगे तो कैसे होंगे, कोई नहीं जानता। जैसे रशिया में होते हैं, चीन में होते हैं, चुनाव भी होते हैं पर 98% वोट खाली एक पार्टी को मिल जाते हैं। कहने का मतलब है कि चुनाव नाम के होते हैं। हिंदुस्तान में लोकतंत्र बचा हुआ है डॉक्टर अम्बेडकर के संविधान के अंतर्गत। आज सत्तर, अस्सी साल हो गए लगभग हो जाएंगे। उस पर हमने उनकी रक्षा करी है और देश को एक रखा है । इंदिरा गांधी शहीद हो गईं पर देश को टूटने नहीं दिया, उन्होंने खालिस्तान नहीं बनने दिया। उस मुल्क के अंदर आज खतरनाक माहौल बन गया।
चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्षों को बुलाया है, महत्वपूर्ण नेताओं को बुलाया है। सब बैठकर बातचीत करेंगे, फैसला करेंगे। आगे किस प्रकार से हमें पब्लिक में जाना है, उनको कन्विंस करना है, देश के हालात से अवगत करवाना है और योजना बनानी है संघर्ष की।
यहां सरकार है ऐसी निकम्मी, नकारा सरकार है। आप देख रहे हो, हाहाकार मचा हुआ है राजस्थान के अंदर। कानून व्यवस्था चौपट, रोड एक्सीडेंट हो रहे हैं, आत्महत्याएं हो रही है। एसआईआर को लेकर अलग आत्महत्याएं होने लग गई है। क्या हो रहा है देश और प्रदेश के अंदर ? सड़कें टूटी पड़ी है। कोई सुनने वाला नहीं है। करप्शन रैंपेंट हो गया है, ये मानने को तैयार भी नहीं है लोग। तो हालात बड़े गंभीर है।
इसमें आज की बैठक बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि नए अध्यक्ष बने हैं। अब इनके ट्रेनिंग कैंप कराएंगे राहुल गांधी जी, जैसे गुजरात में भी मध्य प्रदेश में हुए हैं, यहां भी होंगे। तो पूरे नए सिरे से कांग्रेस कमेटी अपने प्रोग्रामों को आगे बढ़ा रही है और प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सही समय पर मीटिंग बुला ली है जिससे कि रैली की तैयारी में समय मिल सके। रैली बड़ी महत्वपूर्ण रैली है क्योंकि वहां पर खड़गे साहब का, राहुल गांधी जी का मैसेज जाएगा ।
कर्नाटक की राजनीति से जुड़े प्रश्न का जवाब :
शुभ संकेत है ये। कोई झगड़े हैं ही नहीं। ये झगड़े जो है, अब मैं बार-बार क्या कहूं? मीडिया वाले क्या करें, उनकी न्यूज़ नहीं बनती है। प्यार मोहब्बत की न्यूज़ नहीं बनती है, अगर कोई तलाक हो रहा है तो न्यूज़ बनती है। यहां तलाक नहीं हो रहा है, प्यार मोहब्बत है। कांग्रेस एकजुट है राहुल गांधी जी के और खड़गे साहब के नेतृत्व में, और यह तमाम बातें हवाई में चलती रहती है कि क्या फैसला किया सरकार बनते वक्त में? अब ढाई साल का किया कि नहीं किया? किसी को नहीं मालूम है।
मीडिया चला रहा है अंदाज से, तो मीडिया को इस प्रकार चलाना भी नहीं चाहिए। पहले बात तो राहुल गांधी जी पूछे, खड़गे साहब को पूछे या फिर दोनों नेताओं को पूछे, मुख्यमंत्री-डिप्टी सीएम को पूछे। उनके मुंह से कहलवाए कि हां, ऐसा कोई फैसला हुआ है, तब मीडिया चलाए उस बात को। बिना उसके कहलवाए हुए मीडिया चलाता रहता है। राहुल गांधी के नाम चला देते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के लिए भेजा गया है। कोई चला देता है कि हमें ढाई साल-ढाई साल का कहा गया।
न छत्तीसगढ़ की बाहर बात आई कभी, वहां भी ढाई-ढाई साल की बात चली। चलती रही ढाई साल तक। हमारी पार्टी को नुकसान होता है। कर्नाटक में चल रहा है, क्या फैसला हुआ नहीं वहां? हम तो थे नहीं वहां पर। खड़गे साहब को मालूम है, राहुल गांधी को मालूम है या मुख्यमंत्री-डिप्टी सीएम को मालूम होता है? क्यों बिना मतलब का मीडिया चलाता रहता है?
भाजपा नेता श्री राजेंद्र राठौड़ के आरोप प्रत्यारोप से जुड़े सवाल का जवाब :
उनसे और क्या उम्मीद करते हैं? वो सत्ता में भागीदार है नहीं, तो कोई ना कोई तो उनको भी तो कमेंट करने पड़ते हैं। बाकी कोई दम नहीं इन बातों में। लोग मर रहे हैं, वो तो फिगर है ना, हमारे पास थोड़ी है। आप लोग ही छापते हो, मीडिया वाले छापते हैं। हिंदुस्तान भर की फिगर है वो तो।
एसआईआर जो हो रहा है, अभी से लोग चिंतित हो गए हैं किहमारे नाम का क्या होगा? और गरीब आदमी है दलित वर्ग का है, कच्ची बस्तियों का है, घुमक्कड़ है, उनको पता ही नहीं है बातों का। कौन तो उनके पास जा रहा है, कौन गारंटी दे रहा है उनकी? जैसे नोटबंदी हुई थी ना, तब लोग जो आए थे लाइन लगा-लगा कर बेचारे। कितने लोग लाइन में मर गए थे, वो आंकड़े हम भी भूल गए हैं। नोटबंदी के वक्त पर कितने लोग मर गए थे, कोई आंकड़े याद नहीं है।
यहां बेचारे लोग मर रहे हैं, जो आपके बीएलओ हैं, वो मर रहे हैं। पब्लिक कितनी छूट जाएगी? लंबा प्रॉसेस है उसके बाद में, पता नहीं क्या होगा। कोरोना आया था तो कितने लोग पैदल चले थे बिहार तक। कहां बॉम्बे, कहां बिहार बताइए। कहां बॉम्बे, कहां राजस्थान।
तो ये हालात देख चुका है देश, मोदी गवर्नमेंट को लोगों के पैदल चलने का भी अनुभव है, बैंकों की लाइन लगी है वो अनुभव है, वो अनुभव का फायदा क्यों नहीं उठा रहे हैं? एसआईआर में बहुत झोंक दिया देश को, अब आप रोज पैसे खर्च कर रहे हैं।
कन्फ्यूजन है, कल मुझे कोई मिला है जिसने फोटो के दो सौ रुपये खर्च कर दिए , मैंने कहा नहीं अब उन्होंने बदल दिया है और अब नई फोटो की जरूरत नहीं है पहले वाली काम आ जाएगी, तो लोगों को पता ही नहीं है।
इलेक्शन कमीशन को आनन फानन में करने की जरूरत क्या है? सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है, आप इंतजार करते, सबजुडिश है, और टाइम बहुत कम दिया है। टाइम कम क्यों दे रहे हो? राजस्थान में तो तीन साल हैं चुनाव में , आराम से छह महीने लगते चार महीने लगते तीन महीने लगते,आप एक महीने में पूरा करना चाहते हो। ये तमाम बातें, हरकतें बहुत गंभीर है। इसको पूरे देश को, प्रदेश वासियों को और मीडिया को सबको समझना पड़ेगा।