Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में अतिरित बजट का प्रावधान एवं पेंशन नियमों में सरलीकरण करने का अनुरोध किया


जयपुर, 20 जून। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश से राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में अतिरित बजट का प्रावधान एवं पेंशन नियमों में सरलीकरण करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि राजस्थान सरकार द्वारा पेंशन नियमों को व्यापक बनाने एवं आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों को सम्मिलित कर सामाजिक न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से नये सरलीकृत पेंशन नियम बनाकर पहल की गई है। इसके लिये राज्य के बजट वर्ष 2013-14 में पूर्व प्रावधान के अतिरित 1,500 करोड़ रुपये का अतिरित प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत चलायी जा रही राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं में प्रस्तुत सुझावों के विषयान्तर्गत राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन कर आयु सीमा कम कर वृद्धावस्था सम्मान पेंशन के लिए महिलाओं को 55 वर्ष एवं पुरूषों हेतु 58 वर्ष की है। वृद्धावस्था सम्मान पेंशन 75 वर्ष तक 500 रुपये तथा 75 वर्ष से अधिक होने पर 750 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। विधवा सम्मान पेंशन हेतु आयु सीमा घटाकर 18 वर्ष की है तथा पेंशन राशि 75 वर्ष तक 500 रुपये तथा 75 वर्ष से अधिक होने पर 750 रुपये प्रतिमाह की है। विशेष योग्यजन पेंशन हेतु आयु 8 वर्ष तक 250 रुपये, 8 वर्ष से 75 वर्ष तक 500 रुपये तथा 75 वर्ष से अधिक होने पर 750 रुपये प्रतिमाह की है।

श्री गहलोत ने बताया कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था, विधवा, परित्यता एवं तलाकशुदा पेंशन नियम 2013 एवं राजस्थान सामाजिक सुरक्षा विशेष योग्यजन पेंशन नियम 2013 राज्य में 1 अप्रेल, 2013 से लागू कर दिये गये हैं। जिससे विशेषकर वृद्धजन, विधवा महिलाएं, परित्यता महिलाएं, तलाकशुदा महिलाएं एवं शारीरिक रूप से या मानसिक रूप से निःशत व्यति, जिनके जीवनयापन हेतु आय के सीमित साधन हैं व जिनका वर्तमान आय से जीवनयापन कठिन हो रहा है, को सम्मिलित किया गया है। इसके अतिरित विशेष आदिवासी जातियों, केन्द्रीय व राज्य बीपीएल, अन्त्योदय परिवारों एवं आस्था कार्ड धारियों को भी सम्मिलित किया गया है। इस पेंशन योजना में परित्यत महिलाओं, बौने व्यतियों एवं हिजड़ों (किन्नरों) को भी पेंशन देने का प्रावधान रखा गया है। इन नियमों से आम जन को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष पेंशन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें लगभग 24-25 लाख नये पेंशनर जुड़ने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि नये जुड़ने वाले पेंशनरों को पेंशन स्वीकृत कर उसका भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। गत वर्षों में कुल 14 लाख पुराने पेंशनर हैं, अब तक राज्य में एक माह के पेंशन अभियान में लगभग 20 लाख से अधिक नये पेंशनर जुड़ चुके हैं। इस प्रकार राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स की संख्या लगभग 40 लाख तक पहुंचने की संभावना है। इस पर लगभग 2500 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत पन्नाधाय जीवन अमृत योजना के नाम से भी केन्द्रीय बीपीएल एवं आस्था कार्ड धारी लगभग 27 लाख परिवारों के कल्याण के लिये एक बीमा योजना चलाई जा रही है, जिस पर लगभग 17 करोड़ रुपये का व्यय हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत भी तीन राष्ट्रीय पेंशन योजनाएं क्रमशः इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी निःशतजन पेंशन योजनाएं चल रही है, जिसमें प्रत्येक पेंशनर का केन्द्रीयांश रुपये 200 से 300 ही है, शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है । इन योजनाओं के लिये केन्द्र सरकार से लगभग 232 करोड़ रुपये ही व्यय हेतु प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उत देय पेंशन राशि से किसी परिवार का जीवन-यापन सुखमय बनाना संभव नहीं है। इसलिए उत राशि में भी बढ़ोतरी की आवश्यकता है एवं इसके अतिरित इसके लिये पात्रता की शर्तों को भी सरल किया जाना चाहिये, ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यति इन योजनाओं का लाभ ले सकें।

मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि इसके अतिरित राज्य में उत पेंशनरों को आधार कार्ड आधारित बैंक एवं डाकघर खातों के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने हेतु भी पे्ररित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय महत्व की डायरेट बेनेफिट ट्रांसफर योजना का भी अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके। राज्य के छः चुने हुए जिले, जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान माह जुलाई, 2013 से आधार कार्ड आधारित पेंशनरों के बैंक एवं डाकघर खातों में सीधे भेजना है तथा इस योजना का अधिकतम कवरेज के प्रयत्न किये जा रहे हैं।
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